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गढ़चिरौली में 9 खूंखार माओवादियों का सरेंडर, इनमें महिलाएं भी शामिल, 30 लाख का था इनाम, हथियार भी सौंपे-VIDEO

 Published : Mar 31, 2026 09:45 pm IST,  Updated : Mar 31, 2026 09:53 pm IST

सरेंडर किए हुए आतंकियों ने बड़ी मात्रा में हथियारों का जखीरा भी सौंपा है। सरेंडर करने वालों नक्सलियों में तीन एरिया कमेटी मेंबर (ACM) स्तर के कैडर भी शामिल हैं।

नक्सलियों का सरेंडर- India TV Hindi
नक्सलियों का सरेंडर Image Source : REPORTER INPUT

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा नक्सलवाद खत्म करने के लिए तय की गई 31 मार्च 2026 की डेडलाइन के दिन गढ़चिरौली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिले में 9 माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, जिन पर कुल मिलाकर 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

3 एरिया कमेटी के मेंबर भी

पुलिस के अनुसार, सरेंडर करने वालों में तीन एरिया कमेटी मेंबर (ACM) स्तर के कैडर भी शामिल हैं। ये सभी लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय थे और कई वारदातों में इनकी भूमिका बताई जा रही है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में महिलाएं भी शामिल हैं।

बीजापुर से जुड़े हुए थे ये नक्सली

बताया जा रहा है कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से जुड़े हुए थे। गढ़चिरौली डिवीजन नंबर-10 में सक्रिय थे। हालांकि, उसी डिवीजन के 6 अन्य नक्सली अभी भी लापता बताए जा रहे हैं और उन्होंने अब तक आत्मसमर्पण नहीं किया है।

कुछ नक्सली अभी भी हैं लापता

गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल ने जानकारी दी कि इन लापता नक्सलियों की गतिविधियों का जिले की चारों दिशाओं में कोई ठोस मूवमेंट फिलहाल सामने नहीं आया है। उनकी तलाश जारी है।

पिछले साल अक्टूबर में 60 नक्सलियों ने किया था सरेंडर

एसपी नीलोत्पल ने यह भी बताया कि शीर्ष नक्सली नेता गणपति की गतिविधियों का 2024 से कोई ठोस इनपुट नहीं मिला है। वहीं, भूपति उर्फ सोनू ने अक्टूबर 2025 में अपने 60 साथियों के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने आत्मसमर्पण किया था।

बुनियादी विकास कार्यों की मिलेगी गति

केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त कार्रवाई, लगातार चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशन और सरेंडर नीति के कारण गढ़चिरौली में नक्सली संगठन पिछले कुछ वर्षों में कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि नक्सल गतिविधियों के कम होने से अब जिले के दूरदराज क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी विकास कार्यों को गति मिल सकेगी।

रिपोर्ट- नरेश साहरे

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